भाजपा में मची है घटियापन दिखाने की होड़
मोदी राज में भाजपा का यह कायांतरण बहुत तेजी से हुआ है। यहां घटियापन दिखाने से मोदी- शाह की नजर में नंबर बढ़ते हैं। सरकार के बड़े-बड़े काबीना मंत्री जैसे राजनाथ सिंह तथा शिवराज सिंह चौहान इस दौड़ में सबसे आगे हैं। जितना इनका संकट बढ़ रहा है, उतने ही ये अक्ल से दिवालिया होते जा रहे हैं।
विष्णु नागर
भाजपा में जाहिलों की जमात आज भी तनकर बैठी है। एक से एक नमूने उसमें भरे पड़े हैं। प्रधानमंत्री को तो छोड़िए, उनके गृहमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदि सैकड़ों-हजारों उनकी तरह के उसमें हैं। अमित शाह न जाने कब से घुसपैठिया-घुसपैठिया करते आ रहे हैं। अब उनके अनुसार इनकी संख्या तीन करोड़ हो चुकी है। सरकार का कौन-सा आंकड़ा यह कहता है और अगर ये कहीं हैं और आपके पास इसके पुख्ता सबूत हैं तो इनकी पूरी सूची अदालत में पेश कीजिए और उसके निर्देश पर कार्रवाई कीजिए। सरकार कांग्रेस या यूपीए की नहीं, तुम्हारी है। एसआईआर में कितने घुसपैठिये मिले, जरा बताओ तो। गृहमंत्री होकर निराधार कुछ भी बकोगे?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ भी कुछ भी बकने के मामले में कुख्यात हैं। कभी कहते हैं माफिया मिट्टी में है और गरीब बड़ी-बड़ी हवेलियों में! इतना हास्यास्पद कोई मुख्यमंत्री हो सकता है मगर वे हैं। सबसे ताज़ा उदाहरण उनका यह है कि उनके अनुसार चौरीचौरा में 172 लोगों को फांसी हुई थी। वे पूछते हैं, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू कहां थे? जब कुछ पता नहीं है तो क्यों बोलते हो? तब नेहरू जी अंग्रेजों की जेल में थे और यह संख्या भी फर्ज़ी है। तब 19 लोगों को फांसी हुई थी और असहयोग आंदोलन के कारण वहां हिंसा के दौरान पुलिस थाना जलाने से 22 पुलिसकर्मियों तथा तीन नागरिकों की मौत हुई थी।उनके बचाव के लिए मदनमोहन मालवीय खड़े हुए थे।
इसी तरह मध्य प्रदेश में इनके एक विधायक हैं- रामेश्वर शर्मा। ये कहते हैं कि चांद हमारा, सूरज हमारा। मुसलमान ईद मनाएं तो हमसे पूछ कर मनाएं। इतने घटिया और ओछे दिमागों से लबालब भरी है भाजपा।इतने घटिया इंसान पर टिप्पणी करते हुए भी शर्म आती है। इसी तरह एक मामूली अभिनेता हैं- गजेन्द्र चौहान। भाजपा के पाले में हैं। वह नसीरुद्दीन शाह जैसे लाजवाब अभिनेता से कह रहे हैं कि आपने कला में जो सम्मान पाया था,वह सब खो दिया है। कारण यह है कि शाह ने बड़े साहस के साथ एक विडियो जारी किया है,जिसमें भाजपाइयों द्वारा अपने विरोधियों को दी जा रही तमाम गालियों जैसे दिमागी नक्सल, देशद्रोही , टुकड़े-टुकड़े गैंग का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कहा है कि हां मैं यह हूं।
करना है, जो कर लो। देखना है जोर कितना बाजुए कातिल में है। बहुत ही थोड़े से फिल्मी अभिनेताओं- अभिनेत्रियों में इतना साहस है। लेखक बिरादरी तक के अधिकांश सदस्य जब चुप बैठे हैं, तब एक बड़ा अभिनेता इतने साहस से बोल रहा है तो वह सम्मान खो नहीं रहा, फिल्मी दुनिया के लोगों तथा बाकी सरकारी लोगों को आईना दिखा रहा है।
मोदी राज में भाजपा का यह कायांतरण बहुत तेजी से हुआ है। यहां घटियापन दिखाने से मोदी- शाह की नजर में नंबर बढ़ते हैं। सरकार के बड़े-बड़े काबीना मंत्री जैसे राजनाथ सिंह तथा शिवराज सिंह चौहान इस दौड़ में सबसे आगे हैं। जितना इनका संकट बढ़ रहा है, उतने ही ये अक्ल से दिवालिया होते जा रहे हैं।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार, व्यंग्यकार और कवि हैं)
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