कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रवचन बंद कर आत्मविश्लेषण करने की नसीहत दी
प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा तो कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा, 'कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काश यह भी विचार कर लेते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा क्यों हारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे हराया?''
द न्यूज लॉन्चर डेस्क
विधान परिषद चुनाव नतीजों को लेकर कांग्रेस ने एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया है। पार्टी ने कहा कि दूसरों को प्रवचन देने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी को आत्मविश्लेषण की जरूरत है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि मोदी कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काश यह भी विचार कर लेते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर उनकी पार्टी क्यों हारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे हराया?
असल में, विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव 2026 के नतीजे बिहार, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र, चार राज्यों की 28 सीटों के लिए घोषित किए जा चुके हैं। इन चुनावों में भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उसके सहयोगियों ने 16 सीट जीतीं, जबकि कांग्रेस को सिर्फ नागपुर सीट पर ही जीत मिल पाई है। वहीं, समाजवादी पार्टी (सपा) ने उत्तर प्रदेश में पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जिनमें वाराणसी की दो सीट शामिल हैं, जहां से प्रधानमंत्री मोदी संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं।
मोदी का वह बयान जिस पर कांग्रेस ने किया पलटवार-
इन चुनाव नतीजों पर प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को कांग्रेस को आड़े हाथों लिया था। विधान परिषद की 28 सीटों के चुनावों नतीजों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संपन्न विधान परिषद चुनावों में एनडीए की जीत और कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर निशाना साधा था। मोदी ने X पर लिखा था, ''उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक, इन चार बड़े राज्यों की 28 सीटों पर एमएलसी चुनाव हुए। चुनाव मतपत्रों के माध्यम से हुए। अनुमान लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं?'' विपक्ष की ईवीएम में धांधली और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर पीएम मोदी ने कांग्रेस पर यह तंज कसा था।
प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर गुरुवार सुबह कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पलटवार किया और आत्ममंथन करने की सलाह दी। जयराम रमेश ने X पर लिखा, ''प्रवचनमंत्री जी को आत्मविश्लेषण की जरूरत है, लेकिन वे दूसरों को प्रवचन दे रहे हैं!'' जयराम रमेश ने पीएम मोदी से कहा, 'कांग्रेस की सीटें गिनने से पहले काश यह भी विचार कर लेते कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी की दोनों सीटों पर भाजपा क्यों हारी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गढ़ नागपुर में कांग्रेस ने भाजपा को कैसे हराया?''
जयराम रमेश ने आगे लिखा, मोदी जी, ट्रोलिंग बंद कीजिए। करोड़ों परिवार कमरतोड़ महंगाई से त्रस्त हैं, युवा बेरोज़गार हैं और निजी निवेश ठप पड़ा है। अहंकार छोड़कर इन मुद्दों पर विचार करिए! वाराणसी और नागपुर से लेकर लखनऊ, प्रयागराज, पटना की जनता ने स्पष्ट रूप से आपकी नीतियों के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पारित किया है।
मोदी के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने भी पलटवार किया। उदित राज ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा, 'मुख्यमंत्री योगी (आदित्यनाथ) के लिए गोरखपुर, प्रधानमंत्री मोदी के लिए बनारस और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए नागपुर, इन तीनों ही जगहों पर उन्हें बड़ा झटका लगा है। उन्हें अपने खुद के मामलों को संभालने पर ध्यान देना चाहिए।'
उदित राज ने कहा, ''और रही बात बैलेट पेपर से चुनाव कराने के उनके (प्रधानमंत्री मोदी) तंज की तो हम तैयार हैं; बैलेट पेपर से ही चुनाव करवा लीजिए। हमें हार-जीत की कोई परवाह नहीं। हमें ईवीएम पर भरोसा नहीं है; हम सिर्फ बैलेट पेपर पर विश्वास करते हैं।''
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